Thursday, 26 December 2013

भारतीय नेता की योग्यता



एक आम भारतीय सरकारी क्लर्क बनने जाता है
परीक्षा पर परीक्षा उसको नित्य देना पड़ जाता है  
सरकारी क्लर्क बनने से पहले उसकी राते तैयारी में गुजर जाती है
तब उसकी तृतीय श्रेणी के कर्मचारी बनने की इच्छा पूरी हो पाती है
भारत में केवल सरकारी नौकरी के लिए इतना प्रयास किया जाता है
अपने को तृतीय श्रेणी का कर्मचारी बनाने के लिए तैयार किया जाता है
किन्तु जब सरकार बनाने की बारी आती है
तो ऐसी परीक्षा उनके लिए लागू नहीं की जाती है
नेता बनने के लिए योग्यता का कोई निश्चित मापदण्ड नहीं होता है
केवल जनता को मुर्ख बनाकर मत एकत्र करने का गुण निश्चित होता है
सरकारी नौकरी वाले को साठ वर्ष में सन्यास मिल जाता है
राजनीति में जान चली जाती है किन्तु सत्ता का मोह नहीं छुट पाता है
युवा वर्ग जो देश का वर्तमान कहलाते हैं
वास्तव में वो देश का भविष्य बन जाते हैं
भारत के बुजुर्ग नेता सत्ता में खाली स्थान नहीं कर पाते हैं
युवाओं को केवल मत प्रयोग करने के लिए ही उकसाते हैं
मेरा भारत लाचार बूढ़े हाथों में जब आ जाता है
वो भी दिन पर दिन लाचार बुढा होता जाता है
देश के इतिहास, भूगोल, आर्थिक सिथति का उन्हें ज्ञान नहीं होता
सत्ता के लोभी नेता को अपने कर्तव्य परायणता का ध्यान नहीं होता
यदि इनका साक्षात्कार हो जाये और इनसे ये प्रश्न पूछ लिया जाये
राम रहीम कैसे एक हो सकते हैं तो उत्तर में इनकी बोलती बंद हो जाये
मेरे हृदय की तमन्ना है मेरे सपनो का नेता मेरे देश को मिल जाये
जिसे हर सम्प्रदाय,भारतीय भाषा का उच्चतम ज्ञान हो वो नेता बन जाये
जिसमे दया, प्रेम, त्याग, उच्च आदर्श, देशभक्ति विकसित हो
जिसे वर्तमान सिथति का गूढता से ज्ञान हो वही मेरे देश का नेता हो